डॉ. मनमोहन सिंह: अपने आप में एक दिग्गज राजनेता
अपने आप में एक दिग्गज राजनेता
डॉ. मनमोहन सिंह जी ने भारत का नेतृत्व अत्यंत बुद्धिमत्ता और सत्यनिष्ठा के साथ किया। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को उन्नति के पथ पर बढ़ाया, एक समृद्ध मध्यम वर्ग का निर्माण किया, और करोड़ों भारतीयों को गरीबी से बाहर निकाला। भारत के विकास में उनकी विनम्रता, समर्पण और योगदान अतुलनीय है।
मैंने एक गुरु और सलाहकार को खो दिया है, और देश ने अपने सबसे बड़े कद के नेताओं और राजनीतिज्ञों में से एक को खो दिया है। वह हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे - एक ऐसे नेता जिन्होंने भारत को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की ताकत दी।
संविधान और मनुस्मृति के बीच लड़ाई
लोकसभा में संविधान के 75 वर्षों के उपलक्ष्य में चर्चा के दौरान, राहुल गाँधी ने संविधान और मनुस्मृति के बीच चल रही लड़ाई पर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे बीजेपी संविधान पर हमला कर रही है।
"जैसे द्रोणाचार्य ने एकलव्य का अंगूठा लिया, वैसे ही आप भारत के युवाओं का भविष्य छीन रहे हैं... जब आप अडानी की मदद करते हैं, तो आप ईमानदारी से काम करने वाले सभी व्यवसायों के अवसरों को काट रहे हैं।" - राहुल गाँधी
बाबासाहेब आंबेडकर के अपमान का विरोध
17 दिसंबर 2024 को, गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान किया और उन्हें नीचा दिखाया। राहुल गाँधी, कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन ने इन अपमानजनक टिप्पणियों का विरोध किया और शाह के इस्तीफे की मांग की।
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संविधान की रक्षा करने के लिए मार डाला गया
राहुल गाँधी ने महाराष्ट्र के परभणी का दौरा किया, जहां उन्होंने संविधान की रक्षा करते हुए मारे गए सोमनाथ सूर्यवंशी के परिवार को श्रद्धांजलि दी। परभणी में संविधान का अपमान करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के बाद सोमनाथ को पुलिस हिरासत में मार दिया गया। राहुल गाँधी ने बहादुर बेटे को खोने वाले परिवार से अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
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फोकस इवेंट - सरकार कुम्भकरण की नींद सो रही, जनता महंगाई से जूझ रही
सरकार कुम्भकरण की नींद सो रही, जनता महंगाई से जूझ रही
राहुल गाँधी ने दिल्ली में एक सब्जी मंडी का दौरा किया और देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक- महंगाई, पर चर्चा की। सब्जी मंडी में ग्राहकों ने उन्हें बताया कि उनके घर के खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जबकि उनके परिवार की आमदनी नहीं बढ़ रही है। गृहणियों के साथ चाय पर, उन्होंने महंगाई के कारण घर चलाने में आने वाली चुनौतियों पर बातचीत की।
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झलकियां
हाथरस बलात्कार और हत्या पीड़िता के
परिवार के पुनर्वास की मांग।
संसद में आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन
के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात।
दिल्ली में इंडियन क्रिश्चियन पार्लियामेंटेरियंस
काउंसिल के साथ क्रिसमस मनाया।
नव सत्याग्रह बैठक
NAVA SATYAGRAHA BAITHAK
1924 में बेलगावी में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 39वें अधिवेशन में
महात्मा गांधी की अध्यक्षता की शताब्दी का स्मरण।
बीते वर्ष 2024 पर एक नज़र - भारत जोड़ो न्याय यात्रा
बीते वर्ष 2024 पर एक नज़र
भारत जोड़ो न्याय यात्रा
मणिपुर से मुंबई तक न्याय के लिए लड़ी गई लड़ाई
जनवरी से मार्च तक राहुल गांधी ने मणिपुर से मुंबई तक भारत जोड़ो न्याय यात्रा
निकाली, यह यात्रा न्याय के लिए एक मार्च थी। 3 महीने और 6,600
किलोमीटर लंबी इस यात्रा का मकसद यह था कि भारत में रहने वाले 90%
लोगों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय मिले। इस यात्रा के दौरान
राहुल गांधी ने 'पंच न्याय' यानि न्याय के पांच स्तंभ बताए, ये हैं- युवा न्याय,
महिला न्याय, किसान न्याय, मजदूर न्याय और भागीदारी न्याय। यह न्याय के वो
पांच स्तंभ है जो मुट्ठी बनकर देश को ताकत देंगे।
लोकसभा 2024 - संविधान को बचाने वाला चुनाव
2024 का लोकसभा चुनाव कोई आम चुनाव नहीं था और न ही इस चुनाव में मुकाबला केवल भाजपा से था बल्कि यह मुकाबला केंद्र सरकार की पूरी मशीनरी से भी था। इस चुनाव में बैंक खातों के फ्रीज होने और मुख्यमंत्री को जेल में डाल दिए जाने के बावजूद इंडिया गठबंधन ने बिना डरे संविधान को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी। कांग्रेस पार्टी ने लगातार युवाओं, किसानों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और मजदूरों के मुद्दों को उठाया। इस चुनाव में देश की गरीब और वंचित आबादी संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए INDIA के साथ खड़ी हो गई।
देश भर में हुई राहुल गांधी की रैलियां देखें
हैदराबाद (तेलंगाना) में कांग्रेस घोषणापत्र- 'न्याय पत्र' की लॉन्च रैली
पुणे (महाराष्ट्र) में पब्लिक मीटिंग
रायबरेली (उत्तर प्रदेश) में पब्लिक मीटिंग
भारत के लोगों की आवाज़ सुनना
भारत
के लोगों की
आवाज़ सुनना
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी ने देश भर के अलग-अलग
समुदायों से मिलना जारी रखा ताकि उनके सुख-दुख को समझा जा सके।
कश्मीरी छात्राओं से लेकर वायनाड आपदा के पीड़ितों, मणिपुर के हिंसा
पीड़ितों से और नीट उम्मीदवारों तक, उन्होंने देश भर से लोगों की आवाज़ों
को सुना। पूरे देश की यात्रा की ताकि लोगों के मुद्दों को समझा जा सके और
उन्हें आगे लाया जा सके।
कुछ यादगार मुलाक़ातों को देखिए
सुलतानपुर, यूपी में मोची के साथ सिली चप्पल
नीट अभ्यर्थियों की मांगों को सुना
कश्मीरी छात्राओं से बातचीत
मणिपुर हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात
लोकोपायलटों के साथ रेलवे मुद्दों पर चर्चा
वायनाड आपदा पीड़ितों से मुलाकात
संसद में भारत के लोगों की आवाज़ उठाना
लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में, राहुल गाँधी ने बेरोजगारी, एमएसपी, पेपर लीक, मणिपुर, जाति जनगणना और धार्मिक असहिष्णुता जैसे प्रमुख मुद्दों को उठाया। अपने पहले भाषण में उन्होंने भाजपा की नफरत की राजनीति का जवाब 'डरो मत डराओ मत' के सिद्धांत से दिया। उनके बजट भाषण ने इस बात को बताया कि कैसे सरकार ने भारत के 90% लोगों की अनदेखी की है जबकि कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुँचाया है।
2024 में राहुल गाँधी द्वारा संसद में दिए गए प्रमुख भाषण देखें
विपक्ष के नेता के रूप में पहला भाषण
बजट पर भाषण
2024 के आंकड़े
दौरा किए गए राज्य: 25
संसद में भाषण: 15
प्रेस कॉन्फ्रेंस: 17
आधिकारिक एवं पार्टी कार्यक्रम: 40+
रैलियां: 200+
जनता से मुलाकातें: 260+
यात्रा पर किलोमीटर: 6,600+